वोह जो राह में मुझे मिल गए मुझसे हस कर ये कहा - के हाँ, मैं वोह नहीं, तुझे जिसकी तलाश है पर मैं वोह तो हूँ, जिसे तू चाहता
Wednesday, October 21, 2009
ख्वाबों की दुनिया में रहता हूँ, जहाँ के सवालों से अनजान हूँ , हवा में आशिआं मेरा, ज़मीन से उडी ख़ाक हूँ . न किताब, न काबा , इन जवाबों का सवाल हूँ, खुदी की तलाश में हूँ - राही मैं इक बेराह हूँ .