-----------------------------------------------------------------------------
कुछ यूं इस दिल ने गुमराह कर दिया ,
कुछ यूं इस दिल ने गुमराह कर दिया ,
समझ न चले अब , चले बे-करारी के सितम ,
तेरे तीर-ऐ-नीम-कश ने काम कर दिया .
------------------------------------------------------------------------------
दिल और दिमाग में फसाद है, मासूम-ऐ-दिल परेशान हैं,
तू मंजिल है या पएंदान है?
-----------------------------------------------------------------------------

No comments:
Post a Comment